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लीगल राइट्स कॉउन्सिल ने देश-विदेश की प्रभावशाली महिलाओं को किया सम्मानित


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Lucknow:अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मान   हिंदुस्तान का परचम इस वक़्त पूरे विश्व में लहरा रहा है . पिछले पांच सालों में वैश्विक स्तर पर हिंदुस्तान की छवि एक तीव्र गति से विकास करने वाले देश के रूप में हुई है, और इसका श्रेय कहीं न कहीं मौजूदा सरकार की सकारात्मक सोच और मजबूत नीतियों को जाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से महिलों के उत्थान के लिए कदम उठाया है , उससे साफ़ है कि वो दिन दूर नहीं जब देश की बेटियां , बेटों से आगे निकल जायेंगीं. हिंदुस्तान की एक बड़ी सामाजिक संस्था लीगल राइट्स कॉउन्सिल ने सरकार के इस कदम को अपनी मुहिम बनाते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय में देश – विदेश की 32 ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया जिन्होंने समाज के लिए किसी भी रूप में उत्थान का कार्य किया हो. इस कार्यक्रम के मुख्य अथिति के रूप में स्मृति ईरानी ( केंद्रीय मंत्री , महिला एवं बल विकास ), विशेष अथिति इंद्रेश कुमार ( राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य , आर.एस.एस), विनोद शुक्ल ( अध्यक्ष – पं. दीन दयाल उपाध्याय स्मृति संसथान ), रेखा शर्मा ( अध्यक्ष , राष्ट्रीय महिला आयोग ), प्रो . गीता सिंह ( निदेशक , सीपीडीएचई – दिल्ली यूनिवर्सिटी ) शामिल हुए. लीगल राइट्स कॉउन्सिल संस्था के अध्यक्ष टी.वी मधन कुमार , महासचिव राजलक्ष्मी मंदा और उ.प्र संयुक्त सचिव निहाल श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का संचालन किया. अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मान आज पूरा देश महिला सशक्तिकरण की बात कर रहा है.देश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं , चाहें वो खेल कूद हो , पुलिस विभाग हो , वैज्ञानिक क्षेत्र हो , कोई भी क्षेत्र महिलाओं की पहुँच से दूर नहीं है.ऐसे में लीगल राइट्स कौंसिल ने देश – विदेश की ऐसी महिलाओं को ढूंढ निकला , जिन्होंने हज़ारों अन्य ज़रुरतमंद लोगों की अलग-अलग तरह से मदद करी , उनके जीवन को सुधारा और एक नए आयाम तक पहुँचाया. ऐसी अद्भुत छमता वाली महिलाओं को सम्मानित करना देश के लिए गर्व की बात है . जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी देश की बेटियों को आगे बढ़ाने की बात करते हैं, वहीँ दूसरी तरफ लीगल राइट्स कॉउन्सिल का यह कदम काम सराहनीय नहीं है . इस कार्यक्रम के मौके पर आर.एस.एस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने इस संस्था की जमकर तारीफ करी और कहा कि जहाँ भी इस संस्था को ज़रुरत होगी, वहां वो स्वयं संस्था के लिए आगे खड़े मिलेंगें क्यूंकि संस्था का उद्देश्य उच्च है . अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मान संस्था की महासचिव राजलक्ष्मी मंदा को कौन नहीं जानता. ये वही राजलक्ष्मी हैं जिन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 में मोदी सरकार समर्थन में पूरे देश में 21000 किलोमीटर कि यात्रा बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठ कर करी थी , ये महाबल की स्वामिनी है, जिसका प्रदर्शन यह ट्रक खींचकर कई बार कर चुकी हैं. संस्था के संस्थापक टी.वी.मधन कुमार पिछलके 30 सालों से संस्था के माध्यम से समाज की सेवा करते आ रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मान इस सम्मान समारोह के मौके पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सभी सम्मान पाने वाली महिलाओं का जमकर उत्साहवर्धन किया और संस्था को बधाई दी . उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब पीछे नहीं है , वो पुरुषों के कन्धों से कंधे मिलकर समाज को नयी दिशा दे रही है . रेखा शर्मा (अध्यक्ष – राष्ट्रीय महिला आयोग ) एवं निहाल श्रीवास्तव ( ज्वाइंट सेक्रेटरी – लीगल राइट्स कॉउन्सिल ) वहीँ दिल्ली यूनिवर्सिटी की निदेशक गीता सिंह ने इस सम्मान समारोह को महिलाओं के उत्थान की राह में एक नया आयाम बताया है . उन्होंने कहा कि आज की महिला ज़्यादा शिक्षित और समझदार है और इन्ही गुणों के साथ वो समाज को और सुन्दर बनाने की परिकल्पना लिए एक नए भारत के सृजन की ओर अपने कदम निरंतर बढ़ा रही है . भारत के तमाम राज्यों में उत्तरप्रदेश , दिल्ली, गोवा, हरयाणा, छत्तीसगढ़ , बिहार , तमिलनाडु, कर्नाटक, केरला, मध्यप्रदेश , उड़ीसा , महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम-बंगाल , पंजाब आदि तमाम राज्यों की महिलाओं को और विदेश से इंग्लैंड , मलेशिया , दुबई, थाईलैंड आदि अन्य देशों से आयी भारतीय मूल की महिलाओं को सम्मानित किया गया . इस सम्मान समारोह से एक बात तो स्पष्ट है कि वो दिन दूर नहीं जब देश की महिलाएं , पुरुषों से दो कदम आगे होंगी और हमें अपने देश पर और भी ज़्यादा नाज़ होगा.