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एक असफलता आपकी लाखों उपलब्धियों को छिपा नहीं सकती। हर भारतीय को गर्व है इसरों वैज्ञानिकों पर


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Lucknow: रिपोर्ट : संवाददाता(आशुतोष कुमार) नई दिल्ली :- बॉलीवुड निर्माता- निर्देशक व सामाजिक कार्यकर्ता मयंक मधुर ने कहा है एक असफलता आपकी लाखों उपलब्धियों को छिपा नहीं सकती। हम सबको इसरों वैज्ञानिकों पर गर्व है। आज नहीं तो कल हम चांद पर जरूर उतरेंगे। मुश्किल,कठिनाई, हमें बहुत कुछ सिखलाती हैं। कुछ नए आविष्कार, नई टेक्नोलॉजी के लिए प्रेरित करती है और इसी से हमारी आगे की सफलता तय होती हैं। प्रधानमंत्री ने सही कहा है, ज्ञान का अगर सबसे बड़ा शिक्षक अगर कोई है तो वो विज्ञान है। विज्ञान में विफलता नहीं होती, केवल प्रयोग और प्रयास होते हैं। चंद्रयान-2 का चांद पर उतरने से ठीक पहले संपर्क टूट गया और वैज्ञानिक परेशान हो उठे थे। मिशन चंद्रयान-2 को सफल बनाने के लिए इसरो वैज्ञानिकों ने दिन रात एक कर दिया था। कई- कई रातें उन्होंने जागकर गुजारीं। कई वैज्ञानिक तो कई दिनों से अपने घर तक नहीं गए। आज पूरा देश उन्हें सलाम कर रहा है। इसरो वैज्ञानिक ने देश को बहुत कुछ दिया है। इसरों वैज्ञानिक का परिश्रम एक दिन जरूर रंग लाएगी। इसरो वैज्ञानिक ने जो कड़ी मेहनत की है उसका परिणाम,चंद्रयान-2 है | लैंडर विक्रम का शनिवार को इसरो मुख्‍यालय से संपर्क उस वक्‍त टूट गया जब वह चांद की सतह से केवल 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था। पूरी दुनिया की निगाहें भारत के चंद्रयान-2 पर थी। चंद्रमा पर हम विक्रम को नहीं उतार पाए, लेकिन निराश होने की कोई बात नहीं है। हमने कोशिश कर वहां तक पहुंचा है, आगे भी हमारे कोशिश जारी रहेगी। एक दिन जरूर हम चंद्रमा पर पहुंचेंगे, और अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे भी। हमारे पास रिसर्च के लिए काफी डाटा कलेक्ट करने का साधन बन गया है। हम भारतवासी को इसरो वैज्ञानिक पर गर्व ही नहीं पूरा देश उनके साथ है, जब से विक्रम लैंडिंग के समय नजदीक आया, उस समय पूरे देश में एक त्योहार जैसा माहौल बन गया था। पूरा देश जाग रहा था, पूरा विश्व की नजर विक्रम पर थी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो वैज्ञानिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रात के आखिरी वक्त तक हौसला बढ़ाते रहें। निराशाजनक हाथ लगने के बाद भी वहां पर वो डटे रहें, और इसरो वैज्ञानिक को निराशा हाथ लगने के बाद भी हौसला अफजाई करते नजर आए। मैं सभी इसरो वैज्ञानिकों को सलाम करता हूं। और अपने चंद पंक्तियों के माध्यम से कहना चाहता हूं “हम थोड़ा चुके हैं, लेकिन ए मत समझो कि हम रुक गए हैं। हौसला हम्मे है फिर से नया इतिहास लिखने का, इसरो की कार्यनीति में फिर से नया जोश जान फूकेंगें” सभी इसरो वैज्ञानिक को मै बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं बेहतर प्रदर्शन करने के लिए, मंजिल के करीब पहुंचने के लिए। आगे भी सफ़र जारी रहेगा, मंजिले एक दिन हम जरूर पाएगें।